Friday, October 14, 2011

DGP Abhayanand Initiative : Speedy Trials & Arms Act


आ‌र्म्स एक्ट के मामलों में अपील की नकेल पटना, जागरण ब्यूरो : पुलिस मुख्यालय ने आ‌र्म्स एक्ट के छुट्टा घूम रहे सजायाफ्ता अपराधियों को अपील की नकेल से कसने की योजना सभी व्यवहार न्यायालयों तक पहुंचा दी है। डीजीपी अभयानंद ने बताया कि सभी व्यवहार न्यायालयों को लिखित रूप से यह अनुरोध किया गया है कि कोर्ट ने अपील की सुनवाई की जो तारीख तय की है उसपर हर हाल में अपील को सुन लिया जाये। यह स्पीड अपील की योजना का एक हिस्सा है और फिलहाल इसे आ‌र्म्स एक्ट तक रखा गया है। पुलिस मुख्यालय ने हाल ही में जिलों से यह आंकड़ा मंगवाया था कि आ‌र्म्स एक्ट के तहत सजायाफ्ता हुए कितने लोग अपील में गये हैं। संख्या काफी है। इसके बाद पुलिस ने स्पीड अपील की योजना तैयार की। डीजीपी ने कहा कि पूर्व में अपील की जो तारीखें निचली अदालत ने तय कर रखी है उसमें परिवर्तन तो संभव नहीं है। इस बात को ध्यान रख न्यायालयों से यह अनुरोध किया गया है अपील सुनने की जो तारीख तय है उसपर हर हाल में अपील को सुन लिया जाये। अपील पर फैसले के तुरंत बाद संबंधित सजायाफ्ता को गिरफ्त में लेने या फिर अगली कार्रवाई के निर्णय में पुलिस को सहूलियत होगी। अभी सिर्फ आ‌र्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में पुलिस की ओर से न्यायालयों में आवेदन दिया गया है। दूसरे मामलों पर भी अपील के बारे में न्यायालय को आवेदन दिया जा सकता है। आंकड़े नहीं ब्योरा मंगा रहा पुलिस मुख्यालय पटना : स्पीडी ट्रायल पर पुलिस मुख्यालय ने फिर से अपने को केंद्रित किया है। हाल के दिनों तक जिलों से पुलिस मुख्यालय के पास स्पीडी ट्रायल के जो आंकड़े आ रहे हैं उसमें सिर्फ संख्या का जिक्र रहता है। यह बताया जाता है कि कितने लोगों को दस वर्ष तक की सजा हुई। कितने को आजीवन कारावास या फिर कोई और सजा। पुलिस मुख्यालय ने अब यह व्यवस्था की है कि जिलों से संख्या की बजाए उन मामलों का पूरा जिक्र भेजा जाये जिसमें सजा हुई है। डीजीपी का कहना है कि इसका मकसद उन मामलों की मानीटरिंग करना है जो चर्चित रहे हैं।

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